मेरे कोट की जेब का सामान
भूल गया हूं गुलाब का फूल रखना कोट की जेब में भूल गया हूं आजकल गुलाब का फूल रखना कोट की जेब मेंअब उसमें नज़र का चश्मा पड़ा रहता है… मिलता था उन दिनों एक छोटा सा फोल्डिंग कंघामिलता था उन दिनों एक छोटा सा फोल्डिंग कंघाजो जेब में पड़ा रहता था देखता जब किसी हंसीं चेहरे को“मुझे इस्तेमाल कर लो” मुझसे कहता थाभूल गया हूं उसको रखना आजकलकोट का वह हिस्सा अब खाली पड़ा रहता है…… शौक था कभी जेब में मेवे रखना काशौक था कभी जेब में मेवे रखना काउनके हर दाने के स्वाद को महसूस करने काकोट की उस जेब में अबदवाइयों का पैकेट पड़ा रहता है… मेरे कोट की जेब का सामान बदलता रहता है… घूमते थे शहर की गलियों मेंना दिन का ना रात का होश थामीलों दूर तक चलते चले जाते थेदिल में ही नहीं पैरों में भी जोश था जेब में दोस्तों के कुछ खत पड़े रहते थेकुछ अपना भी टूटे दिल का अंश पड़ा रहता थाबिछड़ गए अब कुछ दोस्तपैरों का भी जोश गयाकोट की जेब में अब रिक्शेवाले का नंबर पड़ा रहता है मेरे कोट की जेब का सामान बदलता रहता है… बूढ़ा हो गया मेरा कोटकुछ कुछ मेरे जैसा लगता हैकुछ जगह से जीर्ण कुछ थका हुआ सा लगता हैमेरी उम्र के साथ उसका नक्शा बदलता रहता है मेरे कोट की जेब का सामान बदलता रहता है…








