Voice of Soul

Stories are meant to be felt - not just read.

Welcome to Audio Stories, where words come alive through voice.
Each story is thoughtfully narrated to touch emotions, spark imagination, and create a soulful listening experience.
Plug in your earphones, close your eyes, and let the story speak to you.

पछतावा ...आखिरी पत्र

आदित्य को पहला और आखिरी पत्र मिला... वो किसने भेजा था और क्यों.. आदित्य के आंसू रुक नहीं रहे थे। वह समझ गया था कि मां कभी भी उसके पिता के बारे में कोई बात क्यों नहीं करना चाहती थी।

जीवन की परछाइयां

जन्म से लेकर मृत्यु तक हमारे जीवन की परछाइयां बदलती रहती हैं। हम अकेले हों चाहे किसी के साथ, लोग और रूप रंग हर उम्र के साथ हर ओहदे के साथ बदलते रहते हैं। यह कहानी उन्हीं बदलती हुई परछाइयों को बताती है।

अधूरी माफ़ी

“ तू अपनी अब पूरी जिंदगी इस अधूरी माफ़ी के साथ ही गुज़ारेगा”- साहिल के कानों ने अपनी बड़ी बहन ममता के शब्द गूंजते जा रहे थे। थके शरीर और मन से सोफ़े पर बैठ जाता है और फिर 20 साल पीछे चला जाता है, एक कॉलेज में……. "मेरे लिए तो तू मेरा छोटा सा गुड्डू भैया ही रहेगा। मिस्टर साहिल को मैं नहीं जानती।" दीदी की बात सुनकर वह समझ गया कि उसे अब उनकी भी अधूरी माफ़ी के साथ ही जीना पड़ेगा बहुत रफ़्तार में दौड़ता चला आया हूं पीछे क‌ईं गलतियां छोड़ आया हूं... नहीं कोई माफ़ी मुझे उनकी पीछे जो गलतियां छोड़ आया हूं।।

सत्यप्रकाश का भ्रम

कईं बार शायद हम सबके साथ होता है कि हम जीवन और मृत्यु के परम सत्य को अच्छी तरह जानते हैं, जीवन में क्या हो सकता है और बहुत कुछ हमारे हाथ में नहीं है यह भी हम जानते हैं लेकिन शायद यह हम इंसानों का स्वभाव है कि हम कुछ चीजें मानना नहीं चाहते और अपने भ्रम में रहते हैं। इसी तरह के एक इंसान हैं सत्य प्रकाश जो अपनी मृत्यु को लेकर भ्रम में थे। क्या था वह भ्रम और कैसे टूटा? जानते हैं इस कहानी में सत्यप्रकाश का भ्रम।
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