
अभी कुछ समय पहले किसी ने सवाल किया की फांसी की सज़ा होनी चाहिए या नहीं?फांसी मतलब मृत्युदंड…बहुत सोचा उस बारे में तो हमेशा सुनी एक बात याद आई-जीवन व मृत्यु जो धरती के सबसे बड़े सत्य हैं वह ईश्वर के हाथ में है। मनुष्य कोई नहीं है जो इन दो सच को झुठला सके। यह दोनों सत्य कब, कहां और कैसे पूरे होंगे यह बस ईश्वर जानते...

हम लोग अक्सर अखबारों में या न्यूज़ चैनलों पर युवाओं के किसी न किसी जाल में फंसे जाने के बारे में पढ़ते और सुनते हैं।इसके लिए किसको ज़िम्मेदार ठहराना सही है? बाहर वाला, बच्चे या परिवार। आखिर ज़िम्मेदार कौन है?एक उम्र में बच्चे नासमझी कर सकते हैं, परन्तु किसी की बातों में आकर सोच समझ कर युवाओं का गलत कदम उठाना तभी मुमकिन है अगर उनमें परिवार के...

Necessity is the mother of invention…. Hindustan ka ek aam Aadmi ise jugad kehta hai. Come and meet Sagar..the aam aadmi of ‘Adbhut Bharat’. ऋषिकेश के #त्रिवेणी #घाट की सीढ़ियों पर #सागर की हाथ की गरमा गरम पत्ती वाली या हर्बल चाय का मज़ा लें।ये चाय वह किसी गैस चूल्हे पर नहीं बनाते बल्कि उन्होंने एक पुराने कनस्तर को काटकर अपने हिसाब से मॉडिफाई करा है और उसको...